शिवा थापा (बॉक्‍सर) का जीवन परिचय | Shiva Thapa Biography in Hindi

शिवा थापा का जीवन परिचय, कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2022, मुक्‍केबाज, जाति, धर्म, ताजा खबर, वर्ल्‍ड बॉक्सिंग चैंपिनयशिप [Shiva Thapa Biography in Hindi, Boxing, Caste, Religion, Commonwealth Games 2022, Match, Age, Ranking, Height]

शिवा थापा गुवाहटी, असम के एक भारतीय मुक्‍केबाज हैं। वह 2012 में ओलंपिक में प्रवेश करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय भी हैं। मुक्‍केबाज होने के साथ-साथ वह ओएनजीसी के कर्मचारी भी हैं।

साल 2022 में वह राष्‍ट्रमंडल खेलों में भाग ले रहे हैं जो 29 जुलाई से शुरू हो चुके हैं और पहला दिन भारतीय दल के लिए मिला जुला रहा। बॉक्सिंग में, शिव थापा ने पाकिस्‍तान के सुलेमान बलूच के खिलाफ अपने पुरूष राउंड ऑफ 32 बाउट को आसानी से जीत लिया।

क्रिकेट और अन्‍य खेलो की तुलना में, बॉक्सिंग भारत में बहुत लोकप्रिय खेल नहीं हैं। नतीजतन, मुक्‍केबाजी के खेल में जगह बनाना काफी मुश्किल था, लेकिन एक छोटे से असमिया गांव में जन्‍में इस चैंपियन ने सभी बाधाओं को पार किया।

शिवा थापा (बॉक्‍सर) का जीवन परिचय | Shiva Thapa Biography in Hindi

शिवा थापा का जीवन परिचय

नाम (Name)शिवा थापा
प्रसिद्धि़जुलाई 2013 में अम्‍मान, जॉर्डन में आयोजित एशियाई परिसंघ मुक्‍केबाजी चैंपियनशिप मे स्‍वर्ण पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय
जन्‍म (Birth)8 दिसंबर 1993
उम्र (Age)28 साल (2022 में)
जन्‍म स्‍थान (Birth Place)असमिया गांव, गुवाहाटी, असम, भारत
राष्‍ट्रीयता (Nationality)भारतीय
राशि (Zodiac Sign)धनु राशि
जाति (Caste)खास समूह की छेत्री जाति
गृहनगर (Home town)असमिया गांव, गुवाहाटी, असम
धर्म (Religion) हिन्‍दू
पेशा (Profession) बॉक्‍सर
लम्‍बाई (height)5 फुट 6 इंच
वजन (Weight)56 किग्रा.
बालों का रंग (Hair Colour)काला
आंखो का रंग (Eye Colour)काला
पेशा (Profession)मुक्‍केबाज
अंतर्राष्ट्रिय शुरूआतचिल्‍ड्रेन एशिया इंटरनेशनल स्‍पोर्टस गेम्‍स 2008, रूस के याकुत्‍स्‍क में आयोजित किया गया। शिवा थापा ने कांस्‍य पदक जीता
कोच (Coach)पदम थापा
श्रेणीशिव थापा एआईबीए मेन्‍स वर्ल्‍ड रैंकिंग मे बैटमवेट वर्ग में तीसरे स्‍थान पर हैं
वैवाहिक स्थिति (Marital Status)आविवाहित

शिवा थापा का जन्‍म (Shiva Thapa Birth)

Shiva thapa का जन्‍म 8 दिसंबर 1993 को गुवाहाटी, असम मे हुआ। उनके पिता पदम थापा एक कराटे ट्रेनर हैं और उनकी मॉं गोमा एक ग्रहणी हैं। उनके बड़े भाई गोविंद थापा के आलावा उनकी चार बहने भी हैं. जिनके नाम कविता थापा, गंगा थापा, सीता थापा, एवं गीता थापा हैं।

शिवा थापा कौन हैं? (Who is Shiva Thapa)

8 दिसंबर 1993 को जन्‍में भारतीय बॉक्‍सर शिवा थापा का जन्‍म गुवाहाटी, असम में हुआ. ये अपने भाई बहनों में सबसे छोटे हैं. बता दे की इनके बड़े भाई गोविंद थापा भी स्‍टेट लेवल मैडल विनर बॉक्‍सर हैं.

वह रोजाना सुबह 3 बजे उठ के अपनी बॉक्सिंग की ट्रेनिंग लेते थे. ताकि इनकी पढ़ाई और बॉक्सिंग में नियंत्रण बना रहे. बॉक्सिंग जगत के मशहूर बॉक्‍सर माइक टाइसन से इन्‍हें बॉक्सिंग खेलने की प्रेरणा मिलती हैं.

15 साल की उम्र में 2008 में इन्‍होंने बॉक्सिंग खेलने की शुरूआत की और तबसे इन्‍होंने अपने करियर में पीछे मुड़कर नहीं देखा.

शिवा थापा का परिवार (Shiva Thapa Family)

पिता का नाम (Father’s Name)पदम थापा (कराटे ट्रैनर)
माता का नाम (Mother’s Name)गोमा
बहन का नाम (Sister’s Name)कविता थापा, गंगा थापा, सीता थापा, गीता थापा (सभी बहनें उनसे बड़ी हैं)
भाई का नाम (Brother’s Name)गोविंद थापा

शिवा थापा के बॉक्सिंग करियर की शुरूआत (Shiva Thapa Boxing Journey)

  • उन्‍होंने पहली बार वर्ष 2005 में नोएड़ा में आयोजित सब-जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में अपनी मुक्‍केबाजी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
  • सब-जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उन्‍हें 36 किग्रा वर्ग में लड़ना था, लेकिन एक गलत जानकारी वाले अधिकारी ने बताया कि ऐसी कोई श्रेणी नहीं हैं तो उन्‍हें 28 किग्रा वर्ग में लड़ना होगा।
  • यह बात सुनकर उन्‍होंने तुरंत दो लीटर पानी पिया और सर्विस चैंपियन को हराया और अपना पहला राष्‍ट्रीय स्‍वर्ण पदक जीता, जिससे अधिकारी रिंग में उनके प्रदर्शन से दंग रह गए थे।
  • शिवा आर्मेनिया की राजधानी येरेवन की यात्रा करने वाले सात मुक्‍केबाजों की टीम में से एकमात्र अंतर्राष्‍ट्रीय पदक विजेता थे। उन्‍होंने इस चैंपियनशिप में कांस्‍य पदक अपने नाम किया था।
  • साल 2010 में तेहरान में एशियाई युवा मुक्‍केबाजी चैंपियनशिप में भाग लिया लेकिन सेमीफाइनल तक पहुँचने में असफल रहे।
  • साल 2012 में अस्‍ताना, कजाकिस्‍तान में आयोजित एशियाई ओलंपिक क्‍वालिफायर में हिस्‍सा लिया और सीरिया के वेसम सलामाना को 18-11 से हराकर स्‍वर्ण पदक जीता और 56 किलोग्राम वर्ग में 2012 लंदन ओलंपिक के लिए क्‍लीफाई किया।
  • साल 2013 में, अम्‍मान, जॉर्डन में एशियाई परिसंघ मुक्‍केबाजी चैंपियनशिप में स्‍वर्ण जीतने वाले शिव सबसे कम उम्र के भारतीय बने।
  • साल 2014 में शिवा थापा राष्‍ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों दोनों में क्रमश: पहले दौर और क्‍वार्टर भारतीय बने।
  • साल 2015 में शिव थापा एआईबीए वर्ल्‍ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्‍य पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बने।
  • साल 2016 में शिव थापा ने पुरूषों की 56 किग्रा स्‍पर्धा में 2016 के रियो ओलंपिक के लिए क्‍लीफाई किया, लेकिन पहले दौर से आगे मे ही हारकर बाहर हो गए।
  • साल 2019 में उन्‍होंने टोक्‍यों ओलंपिक टेस्‍ट इवेंट में कजाकिस्‍तान की राष्‍ट्रीय चैंपियन और एशियाई कांस्‍य विजेता सनताली तोलतायेव को 5-0 से हराकर स्‍वर्ण पदक जीता।
  • 2020 टोक्‍यो ओलंपिक- शिवा टोक्‍यों ओलंपिक के लिए क्‍लीफाई नहीं कर सके। टोक्‍यो ओलंपिक में प्रतिस्‍पर्धा न करने का एकमात्र कारण यह है कि भारत के पास पहले से ही कई अच्‍छे मुक्‍केबाज हैं। पिछली विश्‍व चैंपियनशिप में कांस्‍य पदक जीतने वाले मनीष कौशिक उनमें से एक हैं।

बॉक्सिंग वर्ल्‍ड चैंपियनशिप (Boxing World Championships)

पांच बार के एशियाई पदक विजेता शिव थापा (63.5 किग्रा) यहां चल रहे क्‍वार्टर फाइनल में पहुँचने के बाद दो विश्‍व चैंपियनशिप पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरूष मुक्‍केबाज बनने से सिर्फ एक जीत दूर हैं।

असम के 27 वर्षीय खिलाड़ी ने सोमवार को देर रात प्री-क्‍वार्टर फाइनल मुकाबले में फ्रांस के लूनस हमराउई को 4-1 से हराकर आगे बढ़ गए1

बॉक्सिंग वर्ल्‍ड चैपियनशिप में पुरस्‍कार राशि (Boxing World Championship Rewards)

शोपीस में स्‍वर्ण विजेताओं को 100,000 अमरीकी डॉलर की पुरस्‍कार राशि दी जाएगी। रजत पदक विजेताओं को 50,000 अमरीकी डॉलर दिए जाने हैं;

दोनो कांस्‍य पदक विजेताओं को 25,000 अमरीकी डॉलर का पुरस्‍कार दिया जाएगा। कुल पुरस्‍कार राशि 2.6 मिलियन अमरीकी डॉलर हैं।

शिवा थापा के रिकॉर्डस (Shiva Thapa Records)

  • 2013 मे वे ऐशियाई परिसंघ मुक्‍केबाजी प्रतियोगिता जो अम्‍मान, जॉर्डन में हुई थी इस प्रतियोगिता में वे स्‍वर्ण पदक जीतने वाले सबसे कम आयु के भारतीय खिलाड़ी बने।
  • 2015 में वे ऐआईबीए विश्‍व बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कांस्‍य पदक जीतने वाले वे तीसरे भारतीय बने।
  • 2016 में वे रियो ओलंपिक में क्‍वालिफाई करने वाले पहले भारतीय मुक्‍केबाज बने।
  • विश्‍व चैंपियनशिप जीतने वाले चार भारतीय मुक्‍केबाजों में से एक शिवा थापा हैं, जिसमें उन्‍होंने 2009 में, 2011 में, 2017 में कांस्‍य पदक जीते हैं।
  • शिवा थापा तीन लगातार ऐशियाई प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्‍केबाज बने, जिसमें उन्‍होंने 2013 (स्‍वर्ण), 2015 (कांस्‍य), 2017 (रजत) ये पदक अपने नाम किए।
  • उन्‍होंने 16 से अधिक राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतियोगिताओं में 10 से ज्‍यादा स्‍वर्ण पदक, 3 कांस्‍य पदक और 1 रजत पदक अपने नाम किए हैं।

शिवा थापा को प्राप्‍त पुरस्‍कार (Shiva Thapa Awards)

  • मुक्‍केबाजी के लिए अर्जुन पुरस्‍कार
  • असम की सरकार ने उन्‍हें $100,000 (US $1,400) की राशि से सम्‍मानित किया।
  • भारतीय ओलंपिक संघ ने उन्‍हें युवा ओलंपिक में रजत पदक के लिए 400,000 रूपये (5,600 डॉलर) का वित्‍तीय इनाम दिया, जबकि सिक्किम सरकार ने उन्‍हें 500,000 रूपये का नकद पुरस्‍कार दिया।

शिवा थापा की उपलब्धियॉं (Shiva Thapa Achievements)

  • 2019 में फिनलैड में आयोजित हेलसिंकी में 38वीं गीबी बॉक्सिंग प्रतियोगिता में रजत पदक अपने नाम करा था।
  • 2017 में ही उन्‍होंने चैक गणराज्‍य में हुई 48 वीं ग्रैंड प्रिक्‍स उस्‍ती नाद लाबेम मे स्‍वर्ण पदक अपने नाम किया।
  • 2017 में उन्‍होंने ताशकंद में आयोजित एशियाई एमेच्‍योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लिया और एलनूर अब्‍दुरैमोव से प्रतियोगिता करी और रजत पदक अपने नाम किया।
  • 2015 में विश्‍व एमेच्‍योर प्रतियोगिता जो दोहा में हुई थी उसमें उन्‍होंने कांस्‍य पदक अपने नाम किया था।
  • उन्‍होंने 2013 में ही एशियन कन्‍फैडरेशन बॉक्सिंग प्रतियोगिता जो जॉर्डन में हुई थी उसमें स्‍वर्ण पदक जीता था।
  • उन्‍हें 2013 में ICC स्‍पोर्टस एक्‍सीलेंस अवार्ड से सम्‍मानित किया गया था1
  • 2011 में शिवा थापा को वर्ष निर्णायक प्रदर्शन पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था।
  • 2010 में ही सिंगापुर में हुई युवा ओलंपिक खेलों में अपने नाम रजत पदक हासिल किया।
  • 2008 में रूस के याकुत्‍सक शहर में आयोजित बच्‍चों की एशियाई खेल प्रतियोगिताओं में कांस्‍य पदक अपने नाम किया।

शिवा थापा कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2022 (Shiva Thapa CWG 2022)

बर्मिंघम- भारत के अनुभवी मुक्‍केबाज शिव थापा ने राष्‍ट्रमंडल खेलो में अपने अभियान का शानदार आगाज करते हुए पाकिस्‍तान के सुलेमान बलोच को हराकर 63.5 किलोवर्ग के प्री क्‍वॉर्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। थापा ने एकतरफा मुकाबला 5-0 से जीतकर वेल्‍टर वेट वर्ग के अंतिम 8 में जगह बनाई।

पांच बार के एशियाई चैंपियनशिप पदक विजेता थापा तकनीकी तौर पर बलोच से काफी बेहतर थे और उन्‍होंने जबरदस्‍त पंच लगाए। निर्णायकों ने सर्वसम्‍मति से यह फैसला लिया।

ग्‍लास्‍गो कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2014 में प्री-क्‍वॉर्टर फाइनल में हारे थापा का सामना अब अंतिम 16 में स्‍कॉटलैंड के रीसे लिंच से होगा। मुक्‍केबाजी में भारतीय चूनौती की अगुवाई विश्‍व चैंपियनशिप निकहत जरीन, ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और विश्‍व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता अमित पंघाल कर रहे हैं।

शिवा थापा विवाद (Shiva Thapa Controversies)

जुलाई 2013 मे, उन्‍हें एक ड्रग विवाद में घसीटा गया, जहॉं उन पर नशीली दवाओं के उपयोग और गलत प्रकार से सामाजिक करण का आरोप लगाया गया था।

शिवा थापा की कुल संपत्ति (Shiva Thapa Net Worth)

कुल संपत्ति (Total Income)$3 मिलियन से ज्‍यादा
कुल संपत्ति रूपयों में (Total Net worth)20 से 25 करोड़ रूपये

शिवा थापा सोशल मीडिया (Shiva Thapa Social Media)

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FAQ:

शिवा थापा कौन हैं?

शिवा थापा गुवाहाटी, असम के एक भारतीय मुक्‍केबाज हैं।

शिवा थापा के कोच कौन हैं?

शिवा थापा के कोच पदम थापा हैं।

शिवा थापा का जन्‍म कब और कहॉं हुआ?

शिवा थापा का जन्‍म गुवाहाटी, असम मे 8 दिसंबर, 1993 को हुआ था।

शिवा थापा की उम्र कितनी हैं?

29 साल (2022 में)

शिवा थापा कहॉं के रहने वाले हैं?

गुवाहाटी, असम (भारत)

अन्‍य पढ़ें:-

निष्कर्ष

मैं आशा करता हूं की आपको “ शिवा थापा (बॉक्‍सर) का जीवन परिचय | Shiva Thapa Biography in Hindiपसंद आया होगा। अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया है तो कमेंट करके अपनी राय दे, और इसे अपने दोस्तो और सोशल मीडिया में भी शेयर करे।

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