वीर सावरकर का जीवन परिचय | Veer Savarkar Biography In Hindi

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वीर सावरकर यानी विनायक दामोदर सावरकर इतिहास के उन विवादित नामों में से एक हैं जिन्हें कोई तो हीरो मानता है और कोई विलन।

वीर सावरकर एक स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ, समाज सुधारक और हिंदुत्व दर्शन के सूत्र धारों में से हैं। और उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हथियारों के इस्तेमाल का भी समर्थन किया था।

स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने के कारण सावरकर की ग्रेजुएशन की डिग्री वापस ले ली गई थी और वह जब बैरिस्टर बनने के लिए लंदन गए तब उन्होंने इंग्लैंड में भारतीय छात्रों को ब्रिटिश औपनिवेश के खिलाफ प्रोत्साहित किया।

उन्हें जब सजा सुनाई गई और जेल भेजा गया तो वह जेल में रहते हुए वहां के अनपढ़ दोषियों को शिक्षा देने की कोशिश किया करते थे।

दोस्तों आज के अपने लेख वीर सावरकर का जीवन परिचय (Veer Savarkar Biography In Hindi) में हम उनके द्वारा समाज को दिए गए महत्वपूर्ण योगदान ओं के बारे में जानकारियां साझा करेंगे तो आइए जानते हैं उनके योगदान ओं के बारे में-

वीर सावरकर का जीवन परिचय | Veer Savarkar Biography In Hindi

Table of Contents

वीर सावरकर का जीवन परिचय

नाम (Name)विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर)
जन्म (Date Of Birth)28 मई 1883
जन्म स्थान (Birth Place)नाशिक जिला, बौंम्बे राज्य ब्रिटिश भारत (वर्तमान में महाराष्ट्र भारत)
राशि (Zodiac Sine)मिथुन
धर्म (Religion)हिंदू
उम्र (Age)82 वर्ष मृत्यु के समय तक
गृह नगर (Home Town)नाशिक जिला, बौंम्बे राज्य ब्रिटिश भारत (वर्तमान में महाराष्ट्र भारत)
नागरिकता (Nationality)भारतीय
आंखों का रंग (Eyes Colour)काला
बालों का रंग (Hair Colour)काला
शैक्षिक योग्यता (Education)कला में स्नातक
इंग्लैंड से कानून का ध्यान
स्कूल (School)ज्ञात नहीं
कॉलेज (College)फर्ग्युसन कॉलेज पुणे
पेशा (Profession)स्वतंत्रता सेनानी राजनेता और लेखक
प्रसिद्ध (Famous for)हिंदुत्व के लिए
पार्टी (Party)हिंदू महासभा
जाति (Cast)चितपावन ब्राह्मण
वैवाहिक स्थितिविदुर
मृत्यु (Death)26 फरवरी 1966
मृत्यु का कारण (Death Cause)लंबी बीमारी के कारण
मृत्यु का स्थान (Death Place)बौंम्बे महाराष्ट्र भारत

वीर सावरकर कौन है? (Who Is Veer Savarkar?)

एक हिंदू ब्राह्मण परिवार में जन्मे विनायक दामोदर सावरकर भारत के एक महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, इतिहासकार, राष्ट्रवादी नेता तथा विचारक थे। इन सभी के साथ ही वह एक अच्छे वकील राजनीतिज्ञ कवि लेखक और नाटककार भी थे।

वह अपनी बहादुरी के लिए जाने जाते थे और यही कारण है कि उन्हें प्रायः स्वतंत्र्यवीर और वीर सावरकर के नाम से संबोधित किया जाता है।

सावरकर एक कट्टर तर्क बुद्धि वादी व्यक्ति थे जो सभी धर्मों के रूढ़िवादी विश्वासों का विरोध करते थे और उन्होंने भारत की एक समूह एक हिंदू पहचान बनाने के लिए हिंदुत्व शब्द को गढ़ा।

वीर सावरकर का जन्म एवं शुरुआती जीवन

विनायक सावरकर जी का जन्म महाराष्ट्र के नासिक जिले के निकट एक गांव में 28 मई 1883 को एक ब्राम्हण हिंदू परिवार में हुआ था।

उनकी माता जी का नाम राधाबाई तथा पिताजी का नाम दामोदर पंत सावरकर था इसके साथ ही उनके परिवार में दो भाई गणेश और नारायण दामोदर थे और उनकी एक बहन भी थी जिनका नाम नैनाबाई था।

जब वह केवल 7 वर्ष के थे तब है जी की बीमारी के कारण उनकी माता जी का देहांत हो गया और इसके 7 वर्ष बाद प्लेग की महामारी में उनके पिताजी का भी स्वर्गवास हो गया।

माता पिता के देहांत के बाद उनके बड़े भाई गणेश ने परिवार के पालन पोषण के कार्य को संभाला परंतु दुख और कठिनाई की इस घड़ी में गणेश के व्यक्तित्व का विनायक जी पर एक गहरा प्रभाव पड़ा।

वीर सावरकर की शिक्षा (Veer Savarkar Education)

वीर सावरकर जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नासिक के शिवाजी हाई स्कूल से प्राप्त की है और वह बचपन से ही एक अच्छे पढ़ाकू तो थे ही और इसके साथ ही वह उन दिनों कुछ कविताएं भी लिखा करते थे।

आर्थिक संकट के बावजूद भी बाबा राव ने विनायक की उच्च शिक्षा की इच्छा का समर्थन किया इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र के फर्ग्युसन कॉलेज पुणे से बैचलर ऑफ आर्ट्स की पढ़ाई पूरी की।

उन्हें इंग्लैंड में लॉ की पढ़ाई करने के प्रस्ताव मिला और स्कॉलरशिप की भी पेशकश की गई तब श्यामजी कृष्ण वर्मा ने उन्हें इंग्लैंड भेजने और पढ़ाई को आगे बढ़ाने में मदद की इसके बाद उन्होंने वहां जाकर ग्रेज इन लॉ कॉलेज में एडमिशन लिया और इंडिया हाउस में शरण ली।

यह उत्तरी लंदन में एक छात्र निवास था जहां वीर सावरकर ने अपने साथी भारतीय छात्रों को स्वतंत्रता के लिए प्रेरित किया और अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने के लिए संगठन श्री इंडिया सोसाइटी का गठन किया।

वीर सावरकर का परिवार (Veer Savarkar Family)

पिता का नाम (Father’s Name)दामोदर सावरकर
माता का नाम (Mother’s Name)राधाबाई सावरकर
बहन का नाम (Sister’s hai)मैना सावरकर
भाई का नाम (Brother’s Name)गणेश दामोदर और नारायण सावरकर
पत्नी का नाम (Wife’s Name)यमुनाबाई सावरकर
बेटी का नाम (Daughter’s Name)प्रभात चिपलुनकर सावरकर
बेटे का नाम (Son’s Name)विश्वास सावरकर
पोते का नाम (Grandson’s Name)रंजीत सावरकर

वीर सावरकर की शादी (Veer Savarkar Marriage, Wife)

वीर सावरकर जी का विवाह 1991 में रामचंद्र त्र्यंबक चिपलूनकर की पुत्री यमुनाबाई के साथ हुआ था उनके ससुर जी ने उनकी विश्वविद्यालय की शिक्षा का भार उठाया था ।

वीर सावरकर और यमुनाबाई की दो संताने एक पुत्र विश्वास सावरकर और एक पुत्री प्रभात चिपलुनकर थी।

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वीर सावरकर जी का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान (Role In Freedom Fight)

वीर सावरकर ने पुणे में अभिनव भारत सोसायटी की स्थापना की थी में स्वदेशी आंदोलन में भी शामिल थे और बाद में तिलक स्वराज पार्टी में भी अपना स्थान बना लिया थ।

इसके बाद उनके भड़काने वाले देश भक्ति पूर्ण भाषण और गतिविधियों ने ब्रिटिश सरकार को नाराज कर दिया जिसके परिणाम स्वरुप ब्रिटिश सरकार ने उनकी बीए की डिग्री उनसे वापस ले ली।

इसके बाद वे जून 1996 बैरिस्टर बनने के लिए लंदन चले गए और वहां पहुंचने के बाद उन्होंने भारतीय छात्रों को भारत में हो रही ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकजुट किया और उन्होंने स्वतंत्र भारत सोसायटी की स्थापना की।

फिर इस सोसाइटी ने कुछ महत्वपूर्ण तिथियों को भारतीय कैलेंडर में शामिल कर लिया जिसमें त्योहरों स्वतंत्रता आंदोलन के स्तनों को शामिल किया गया था इसके अलावा उन्होंने अंग्रेजों से भारत को मुक्त करने के लिए हथियारों के इस्तेमाल की वकालत की और हथियारों से सुसज्जित इंग्लैंड में भारतीयों का एक नेटवर्क भी तैयार करने का काम कर दिखाया था।

उन्होंने वर्ष 1960 में द ग्रेट इंडियन विद वह पर एक प्रामाणिक जानकारी पूर्ण अनुसंधान किया जिसे ब्रिटिश ने 1857 का सिपाही विद्रोह का बाढ़ दे दिया इस पुस्तक को द इंडियन ऑफ द डिपेंडेंस 857 कहा गया था।

इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने तुरंत ब्रिटेन और भारत दोनों में इस पुस्तक के प्रकाशन पर प्रतिबंध लगा दिया था पर इस पुस्तक को बाद में इंग्लैंड में मैडम भीकाजी कामा ने प्रकाशित किया था और ब्रिटिश शासन के खिलाफ देशभर में काम कर रहे क्रांतिकारियों तक पहुंचाने के लिए भारत में इसकी तस्करी भी की थी।

वीर सावरकर का जीवन परिचय | Veer Savarkar Biography In Hindi

वीर सावरकर की कविताएं (Veer Savarkar Poems)

  • कमला
  • गोमांतक
  • विरहोच्छास
  • सप्तर्षी
  • सावरकरांच्या कविता

वीर सावरकर के उपन्यास (Veer Savarkar Nobel)

  • काले पानी
  • मोपल्यांचे बंड अर्थात मला काय त्याचे

वीर सावरकर के नाटक और लेख संग्रह

  • संगीत उत्साह
  • संगीत संन्यस्त खड्ग
  • संगीत उत्तरक्रिया
  • बोधिसत्व (अपूर्ण)
  • मॅझिनीच्या आत्मचरित्राची प्रस्तावना
  • गांधी गोंधल
  • लंदनची बातमीपत्रे
  • गरमागरम चिवडा
  • तेजस्वी तारे
  • स्फुट लेख
  • सावरकरांची राजकीय भाषणे
  • सावरकरांची सामाजिक भाषणे

वीर सावरकर के आत्मचरित्र (Veer Savarkar Biography)

  • माझी जन्मठेप
  • शत्रूच्या शिबिरात
  • अथांग

वीर सावरकर के बारे मे 10 खास बातें (10 Line On Veer Savarkar)

  • सर्वप्रथम राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के बीच धार में चक्कर लगाने का सुझाव वीर सावरकर ने ही दिया था जिसे राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद द्वारा मान लिया गया था।
  • उन्होंने ही सबसे पहले पूर्ण स्वतंत्रता को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का लक्ष्य घोषित किया था और वह ऐसे प्रथम बंदी थे जिन्हें विदेशी भूमि पर बंदी बनाने के कारण एक के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पेश किया गया था।
  • वह पहले क्रांतिकारी थे जिन्होंने राष्ट्र के सर्वांगीण विकास का चिंतन करते हुए अस्पृश्यता तथा कुरीतियों के विरुद्ध आंदोलन शुरू किया।
  • वह दुनिया के ऐसे पहले कवि थे जिन्होंने अंडमान के एकांत कारावास में जेल की दीवारों पर कील और कोयले से कविताएं लिखिए और उन्हें याद किया।
  • उनके द्वारा लिखित पुस्तक “द इंडियन ऑफ वार इंडिपेंडेंस 1857” एक सनसनीखेज पुस्तक रही जिसे ब्रिटिश शासन को हिला डाला।
  • वह दुनिया के अकेले स्वतंत्र योद्धा थे जिन्हें दो-दो जीवन कारावास की सजा मिली उन्होंने सजा को पूरा किया और फिर से राष्ट्रहित में सक्रिय हो गए।
  • विश्व के ऐसे पहले लेखक थे जिनकी रचना 1857 का प्रथम संग्राम को दो देशों ने प्रकाशन से पहले ही प्रतिबंधित कर दिया।
  • वह पहले स्नातक थे जिनकी स्नातक की उपाधि को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के कारण वापस ले लिया गया था।
  • वीर सावरकर पहले भारतीय राजनीतिज्ञ थे जिन्होंने सर्वप्रथम विदेशी वस्त्रों की होली जलाई थी।
  • वह पहले ऐसे विद्यार्थी थे जिन्होंने इंग्लैंड के राजा के प्रति वफादारी की शपथ लेने से मना कर दी थी।

वीर सावरकर की माफी का सच (Truth Of Veer Savarkar Apology)

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारत के पूर्वी भाग में स्थित अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर कुख्यात पोर्ट ब्लेयर की सेल्यूलर जेल को तो आप जानते ही होंगे।

जिसे अंग्रेजों द्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को कठोर आत्मक सजा देने के लिए बनाया गया था। और इस जेल में कैदियों पर विभिन्न प्रकार के आमान उसे का अत्याचार किए जाते थे इसी कारण इसे कुख्यात जेल को काला पानी की सजा भी कहा जाता था।

वीर सावरकर को मुकदमे की सुनवाई के पश्चात काला पानी जेल में भेज दिया गया था काला पानी की सजा के दौरान ही वीर सावरकर यह समझ चुके थे कि काला पानी में रहने से उनका पूरा जीवन कैदियों की भांति ही खत्म हो जाएगा।

और वह देश की स्वतंत्रता संग्राम में किसी भी प्रकार की सक्रिय भूमिका नहीं निभा सकेंगे यही कारण था कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लेने वह अपना योगदान देने के लिए उन्होंने ब्रिटिश सरकार से माफी मांगना ही बेहतर समझा।

इसके लिए उन्होंने बैठे सरकार से कुल 6 बार माफीनामा की अर्जी दी जिसकी वकालत बाल गंगाधर तिलक एवं सरदार पटेल ने की थी।

वर्ष 1924 में ब्रिटिश सरकार ने सावरकर के माफीनामा को स्वीकार कर लिया और इन्हें दिखा कर दिया सावरकर के माफीनामा को लेकर उनके विरोधी उन पर निशाना साधते रहे परंतु समर्थक वीर सावरकर द्वारा मातृभूमि की सेवा के लिए माफी मांगने को उचित ठहराते हैं।

वीर सावरकर से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण रोचक तथ्य-

  • सावरकर भारत के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के केंद्र में उसके विरुद्ध क्रांतिकारी आंदोलन खड़ा किया था।
  • वह भारत के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने बांग बांग के बाद स्वदेशी का नारा दिया और विदेशी कपड़ों की होली जलाई।
  • वह पहले व्यक्ति थे जिन्हें अपने विचारों के कारण बैरिस्टर की जगदीश को नहीं पड़ी।
  • वह पहले भारतीय थे जिन्होंने पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी।
  • वह दुनिया के पहले राजनीतिक कैदी थे जिनका मामला हेग कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में चला था।
  • वह गाय को एक उपयोगी पशु कहते थे।
  • भारत की स्वतंत्रता के पश्चात गोवा की मुक्ति की आवाज भी सबसे पहले सावरकर नहीं उठाई थी।
  • वह पहले भारतीय राजनैतिक कैदी थे जिसने एक अछूत को मंदिर का पुजारी बनाया था।
  • उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए हथियारों के उपयोग का पूर्ण समर्थन किया था।
  • भीमराव अंबेडकर द्वारा बौद्ध धर्म स्वीकार कर लेने पर सावरकर ने कहा था कि- “अब जाकर वह सच्चे हिंदू बने है”
  • वह भारत के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने 18 सो 57 की लड़ाई को भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम बताते हुए 1907 में लगभग 1000 प्रष्ठो का इतिहास लिखा थ।
  • वह पहले क्रांतिकारी थे जिन पर स्वतंत्र भारत की सरकार ने झूठा मुकदमा चलाया और बाद में उनके निर्दोष साबित होने पर उनसे माफी मांगी।
  • वीर सावरकर ने ही वह पहला भारतीय झंडा बनाया था जिसे जर्मनी में अंतरराष्ट्रीय सोशलिस्ट कांग्रेश मैडम कामा ने फहराया था।

FAQ:

वीर सावरकर कौन है?

एक हिंदू ब्राह्मण परिवार में जन्मे विनायक दामोदर सावरकर भारत के एक महान क्रांतिकारी, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, इतिहासकार, राष्ट्रवादी नेता तथा विचारक थे। इन सभी के साथ ही वह एक अच्छे वकील राजनीतिज्ञ कवि लेखक और नाटककार भी थे।

वीर सावरकर का जन्म कब और कहां हुआ था?

विनायक सावरकर जी का जन्म महाराष्ट्र के नासिक जिले के निकट एक गांव में 28 मई 1883 को एक ब्राम्हण हिंदू परिवार में हुआ था।

वीर सावरकर की पत्नी कौन है?

वीर सावरकर जी का विवाह 1991 में रामचंद्र त्र्यंबक चिपलूनकर की पुत्री यमुनाबाई के साथ हुआ था।

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निष्‍कर्ष

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